Google Lyria 3 Pro: गूगल ने हाल ही में नया लिरिया 3 प्रो (Lyria 3 Pro) लॉन्च किया है जिसे उसके AI म्यूजिक टूल्स का एक बड़ा अपग्रेड कहा जा रहा है। नया ऐप लिरिया 3 पर बनाया गया है और यह नया वर्जन यूजर्स को सामान्य से ज्यादा स्पीड से गाने बनाने के काबिल बनाता है। नए अपडेट के बाद इसमें सिर्फ तीन मिनट लगेंगे और आपको अपनी क्रिएटिविटी पर ज्यादा कंट्रोल मिलेगा। इस जेमिनी ऐप का एक्सेस पेड यूजर्स को सबसे पहले मिल रहा है। याद दिला दें कि लिरिया 3 केवल 30 सेकेंड तक के ट्रैक बना पाता था लेकिन नया ऐप लिरिया 3 प्रो पूरे 3 मिनट का गाना बनाने में परफेक्ट है।
लंबे और बेहतर ट्रैक बनाना हुआ आसान
अगर आप जेमिनी ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं तो अब आप लंबे और बेहतर ट्रैक बना सकते हैं। अपने म्यूजिक को खास सेक्शन में कस्टमाइज कर सकते हैं। इसका यूट्यूब क्लिप से लेकर पॉडकास्ट इंट्रो तक किसी भी चीज के लिए साउंडट्रैक तैयार कर सकते हैं। चाहे आप शुरुआती हों या प्रोफेशनल हों-लिरिया 3 प्रो के जरिए आप एआई को एक बेहद मददगार क्रिएटिव पार्टनर में बदल सकते हैं।
लिरिया 3 प्रो की मदद से बनाएं कई स्टाइल के गाने
लिरिया 3 प्रो अब केवल बेसिक ट्यून ही नहीं बना रहा है बल्कि ये रियल टाइम में इंट्रो से लेकर कोरस तक का निर्माण कर सकता है। इसका मतलब है कि आप कई गानों के स्ट्रक्चर और स्टाइल को आजमा सकते हैं। ये एआई-जेनरेटेड म्यूजिक है जो एक साथ बनाया गया लगता है और बिल्कुल वैसा ही लगता है जैसे कोई इंसान बनाता है।
Google Lyria 3 Pro को अपने संपूर्ण AI प्लेटफॉर्म लाइनअप में उपलब्ध करा रहा है।
बिजनेस के लिए वर्टेक्स एआई है जहां कंपनियां गेम, ऐप्स या अपनी जरूरत की किसी भी चीज़ के लिए कस्टम साउंडट्रैक बनाना शुरू कर सकती हैं।
डेवलपर्स भी इस एक्शन में शामिल हो सकते हैं -लिरिया 3 प्रो Google एआई स्टूडियो और जेमिनी एपीआई के साथ काम करता है, जो ज्यादा सटीक और क्रिएटिव टूल के लिए रास्ते खोलता है।
Google Vids यूजर्स अपने वीडियो में कस्टम संगीत डाल सकते हैं जो मार्केटिंग, स्टोरी सुनाने या सिर्फ एक शानदार साउंडट्रैक की तलाश करने वाले किसी भी इंसान के लिए बहुत अच्छा है।
आर्टिस्ट्स और म्यूजिक डायरेक्टर्स के काम का टूल
इसके अलावा गूगल आर्टिस्ट्स और म्यूजिक डायरेक्टर्स पर भी ध्यान दे रहा है। वे प्रोड्यूसरAI शुरू कर रहे हैं और ये एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां आर्टिस्ट और प्रोड्यूसर एआई की मदद से कंप्लीट गानों को रिफाईन करने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं। और म्यूजिक एआई सैंडबॉक्स के साथ, गूगल सीधे म्यूजिशियन्स के साथ काम कर रहा है। इसके पीछे गूगल का मकसद है कि तकनीक के जरिए इंसानी क्रिएटिविटी को और अधिक ऑप्शन दिए जा सकें। यहां ये बात ध्यान देने वाली है कि सारा काम ऑटोमैटिक करने का गूगल का मकसद नहीं है बल्कि क्रिएटिविटी को सपोर्ट देना ही उद्देश्य है।
यह टेक्नीक सिर्फ शौकीन लोगों के लिए ही नहीं है। प्रोफेशनल्स पहले से ही इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। ग्रैमी विनर युंग स्पीलबर्ग ने डीपमाइंड शॉर्ट फिल्म प्रोजेक्ट में लिरिया का इस्तेमाल किया था और कई म्यूजिक डायरेक्टर भी इस लिरिया 3 प्रो के जरिए नए-नए गाने बना रहे हैं।
ये भी पढ़ें